जिला खनिज संस्थान न्यास शासी समिति कबीरधाम की बैठक में वर्ष 2021-22 हेतु 20 करोड़ रूपए के वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदन।

by Umesh Paswan

शाला संगवारी, द्वितीय एएनएम और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की होगी भर्ती

वार्षिक कार्ययोजना में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल संबंधी कार्य प्राथमिकता से शामिल

कबीरधाम जिले के प्रभारी मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया की अध्यक्षता व वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चन्द्राकर की उपस्थिति में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला खनिज संस्थान न्यास समिति की बैठक हुई। शासी परिषद की बैठक में प्रभारी मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों में उच्च प्राथमिकता और निम्न प्राथमिकता के क्षेत्र के लिए वर्ष 2021-22 हेतु 20 करोड़ रूपए के वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदन किया। इस वार्षिक कार्ययोजना में उच्च प्राथमिकता के क्षेत्र में 16 करोड़ रूपए, निम्म प्राथमिकता के क्षेत्र में तीन करोड़ और कोविड 19 कोरोना वायरस के संभावित तीसरी लहर के संक्रमण के रोकथाम, उपचार और अन्य संसाधनों की उपलब्धता के लिए बचत राशि मिलाकर दो करोड़ रूपए का प्रस्ताव शामिल है। वार्षिक कार्ययोजना में स्वास्थ्य, शिक्षा, अंग्रेजी माध्यम के स्कूल, पेजयल और राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी विकास के संरक्षण व संवर्धन को महत्व दिया गया है। कवर्धा के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला भट्ट, कवर्धा नगर पालिका अध्यक्ष श्री ऋषि कुमार शर्मा तथा कलेक्टर श्री रमेश कुमार शर्मा सहित शासी प्ररिषद समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
बैठक में जिला प्रभारी मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने मंत्री श्री अकबर के सुझाव का अनुमोदन करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की संभावनाओं के देखते हुए हमे अभी से तैयारियां रखनी होगी। इस दौरान प्रदेश के वन, परिवहन, विधि विधायी, आवास एवं पर्यावरण तथा जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि कोरोना संक्रमण अभी समाप्त नहीं हुआ है। आने वाली परिस्थितियां अप्रत्याशित है। इसलिए कोरोना संक्रमण की चुनौतियों का सामना करने के लिए अग्रिम तैयारियां रखने की जरूरत है। बैठक में कलेक्टर श्री शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के रोकथाम और अन्य संसाधनो की उपलब्धता के लिए एक करोड़ तथा पिछले वर्ष की शेष 1 करोड रूपए मिलाकर कुल दो करोड़ रूपए आरक्षित रखा गया है।
इसी तरह प्रभारी मंत्री श्रीमती भेड़िया ने वन मंत्री के प्रस्ताव पर जिले में 68 द्वितीय ए.एन.एम. की भर्ती पर मुहर लगाई। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में दो विशेषज्ञ चिकित्सक, एक स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक, दो स्टॉप नर्स, चिल्फी में एक स्टॉप नर्स, कुपोषण से मुक्ति के लिए मिनी एनआरसी और जिले के विभिन्न सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्न्यन, संवर्धन, मूलभूत सुविधा की उपलब्धता के लिए चार करोड रूपए के कार्य को शामिल किया गया है। जिले के प्रतिभाशाली मेधावी विद्यार्थियों को मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए निःशुल्क कोचिंग और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग दिया जाएगा। इसके लिए निःशुल्क आवासीय कोचिंग का प्रावधान रखा गया है। उल्लेखनीय है पिछले वर्ष जिले के 14 मेधावी विद्यार्थियों को जेईई और नीट में चयन हुआ है।
प्रभारी मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के प्रस्ताव पर शाला संगवारी के भर्ती के लिए कार्याें को भी अनुमोदन किया। जिले में पिछले दो शैक्षणिक सत्र से शाला संगवारी की विशेष सेवाएं ली जा रही है। कबीरधाम जिले के एकल और शिक्षक विहिन स्कूलों में शाला संगवारी की विशेष भर्ती होगी। शाला संगवारी के लिए जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति के शिक्षक-युवक-युवतियों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रभारी मंत्री श्री अनिला भेड़िया द्वारा कवर्धा के बाद जिले के सभी विकासखण्ड बोडला, पंडरिया और सहसपुर लोहारा में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम से स्कूल खोलने के लिए जिला खनिज न्यास शासी समिति की बैठक में प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके अलावा पंडरिया विधायक की मांग पर पंडरिया विकासखण्ड के ग्राम झिरिया कला में सार्वजनिक पेयजल की सुविधा के लिए पाईप लाईन विस्तार के लिए 10 लाख रूपए के कार्य को शामिल किया गया है।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री इन्द्रजीत वर्मन ने बताया कि उच्च प्राथमिकता के क्षेत्र में खनन से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र के ग्रामों के विकास के लिए पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के लिए 10 लाख रूपए, कृषि एवं अन्य संबद्ध गतिविधियों के लिए तीन करोड रूपए, गोठान में पेयजल व्यवस्था, ग्राम सरोधा दादर एवं साल्हेवारा में पेयजल निदान, पण्डरीपानी पुलिस कैंप व सरोधा दादर में पाईप लाईन विस्तार, बोडला एवं पंडरिया के ऐसे ग्राम जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या है अथवा जहां ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट उत्पन्न हो वहां पेयजल व्यवस्था के लिए एक करोड 50 लाख रूपए की कार्ययोजना शामिल है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के लिए 1 करोड़ 40 लाख रूपए, वृद्ध और निःशक्तजन कल्याण के लिए 10 लाख रूपए, कौशल विकास व रोजगार के लिए 60 लाख रूपए, स्वच्छता तथा शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के लिए 30 लाख रूपए के कार्य शामिल है।

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