लॉक डाउन अवधि तक प्रदेश के शराब दुकानें बंद करने के लिए लगाई गई हस्तक्षेप याचिका पर हाईकोर्ट ने 13 अप्रैल को पुनः सुनवाई होगी

by Umesh Paswan

बिलासपुर छत्तीसगढ़ शासन ने एक आदेश पारित कर लॉक डाउन में शराब दुकान खोलने का निर्देश किया था जिसके खिलाफ बिलासपुर हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका लगाई गई थी लॉक डाउन अवधि तक प्रदेश की शराब दुकानें बंद करने के लिए लगाई गई हस्तक्षेप याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट मे सुनवाई हुई अब इस मामले की 13 अप्रैल को पुनः सुनवाई होगी अधिवक्ता रोहित शर्मा एवं अन्य के द्वारा हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत गई थी कि छत्तीसगढ़ शासन को लॉक डाउन के दौरान शराब दुकानें का बिल्कुल भी संचालन ना करें और छत्तीसगढ़ शासन को अभी यह अधिकार भी नहीं है यह डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत राष्ट्रीय आपदा घोषित है जो अभी राज्य की भी आपदा घोषित है उस समय में केवल और केवल केंद्र के द्वारा डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के द्वारा बनाई गई नीति नियम के अनुरूप ही राज्य को भी अपनी नीति रीति बनाने और लागू करनी होगी यहां तक जिन वस्तुओं की छूट और कारोबार की छूट केंद्र द्वारा प्रिसक्राइबर है उसमें शराब का कहीं कोई जिक्र नहीं है इसलिए सीएसएमसीएल के द्वारा सुवो मोटो अपनी एक कमेटी गठित कर देना और शराब बेचने को अग्रेषित कर देना यह देश के संविधान के विपरीत है वह विधि के भी विपरीत है याचिकाकर्ता द्वारा नशा मुक्ति केंद्र का संचालन किया जाता है जिसमें बहुत गरीब लोग नशे की वजह से परेशान हालत में है जबकि अभी लॉक डाउन के दौरान किसी भी गरीब व्यक्ति के पास कोई काम नहीं है इस हालत में व्यक्ति शराब पीने के लिए अपना बचा हुआ पैसा और संपत्ति भी गंवा देगा स्वास्थ्य सहित ने भी नशे से पीड़ित मरीज के इलाज हेतु शराब उपलब्ध कराना अनिवार्य है ऐसा कहीं भी उल्लेख नहीं है

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