चंदौली में लोकतंत्र के चतुर्थ स्तम्भ का घोंटा गया गला, भाजपा विधायक के खिलाफ खबर उजागर करने पर पत्रकार पर दर्ज हुआ ST/ SC का मामला

by Umesh Paswan

खबर जनपद चंदौली से है जहां सच्चाई उजागर करने पर लोकतंत्र के सजग प्रहरी के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया। पत्रकार का सिर्फ इतना कसूर था कि उसने जनता की जुबानी को शब्दों में पिरोकर भाजपा विधायक के कारनामों का खुलासा किया था। विधायक ने सत्ता पक्ष की हनक और पद का दुरुपयोग करते हुए पुलिस के साथ मिलकर पत्रकार और खबर को प्रकाशित करने वाले पोर्टल चैनल के डायरेक्टर पर एसटी/ एससी का मामला दर्ज करा दिया।
मामला जनपद चंदौली के चकिया थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जहां मंगलवार की देर रात पत्रकार कार्तिकेय पांडेय व पोर्टल चैनल के डायरेक्टर रोहित तिवारी पर मामला दर्ज किया गया लेकिन पत्रकार को चकिया पुलिस ने दोपहर से ही हिरासत में लेकर कैद बन्द रखी। साथ ही उसपर दबाव के साथ मानसिक उत्पीड़न करती रही। विदित हो कि पत्रकार द्वारा चकिया के वनवासी बस्तियों में रहने वाले लोगों का दर्द उजागर करते हुए उनके आरोप के आधार पर चकिया भाजपा विधायक द्वारा मजदूरों का कार्य के बदले मजदूरी भुगतान न किए जाने का मामला प्रकाशित करवा दिया था। खबर के प्रकाशन से तिलमिलाए भाजपा विधायक ने पत्रकार को पुलिस बल से उठवाकर थाने लाया गया और उत्पीड़न के साथ उसपर एसटी एससी एक्ट का मामला दर्ज करा दिया गया, साथ ही पत्रकारों कि आवाज को बुलंद करने वाले माध्यम के मालिक पर भी आरोप मढ़ते हुए एसटी एससी एक्ट के तहत ही मामला दर्ज करा दिया गया।
बता दें कि यह लोकतंत्र की आवाज को कुचलने का पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व भी पूरे देश में पत्रकारों को ऐसे झूठे केसो में लपेट मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया है।
विधायक द्वारा पद के दुरुपयोग और पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई से जनपद के पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। सभी पत्रकारों ने मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन किया और कल एसपी कार्यालय का घेराव कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करेंगे। यदि उचित कार्रवाई नहीं होती है तो पत्रकार लाम बन्द होकर बड़े स्तर पर धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे।
वहीं भाजपा विधायक के इस तानाशाही रवैए और पद के दुरुपयोग पर विपक्ष भी जमकर मुखर हुआ।

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