पर्यावरण एवं खनिज अधिकारी के मिलीभगत से अवैध खदान चल रहा है

टिकेन्द्र चंद्राकर लाइमस्टोन वर्तमान मलिक ब रावानी दुर्ग के नाम पर दुर्ग जिले के धंधा तहसील के ग्राम पिटोरा में खसरा नंबर 4/1 एवं 5 कुल लीज क्षेत्र 1.99 हेक्टेयर शासकीय भूमि चूना पत्थर खदान है। इस खदान लीज डीड टिकेन्द्र चंद्राकर के नाम पर है इस खदान को श्री चंद्राकर ने दुर्ग निवासी बी एल रामानी को बेच दिया है। लीज डिड 20 वर्षों के लिए दिनांक 26/ 11/ 1995 से 25/ 11/ 2015 की अवधि हेतु थी लीज नवीकरण हेतु आवेदन दिनांक 7/7/ 2014 को किया गया जो अब 26/11/1995 से 25/11/2045 तक कि वैधता है। लेकिन इस खदान में कोई नियम कायदा नहीं है। इस खदान के नियम में लिखा गया है लीज क्षेत्र के चारों ओर सारे 7.5 मी खुला क्षेत्र छोड़ा गया है। ओपन कास्ट मैन्युअल विधि से उत्खनन किया जाता है। वर्तमान में भू भाग के एक 1.011 हेक्टेयर क्षेत्र में उत्खनन हुआ है। वर्तमान उत्खनन की गहराई 12 मीटर है तथा अंतिम गहराई 12 मीटर होगी अर्थात साइज बेंच में उत्खनन किया जावेगा ऊपरी मिट्टी की मोटी 0.5 मीटर है। बेंच की ऊंचाई 2 मीटर है एवं चौड़ाई 4 मीटर है। खदान की संभावित आयु 10 वर्ष है। विभिन्न प्रक्रियाओं हेतु पांच पांच कि. ली. प्रतिदिन जल की आवश्यकता होती है। जल का स्रोत भूजल है। वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु जल का छिड़काव किया जाता है। क्रेशर की स्थापना नहीं की गई है लीड क्षेत्र के चारों 7.5 मी. खुला क्षेत्र में वृक्षारोपण किया गया है। उत्खनन क्षेत्र 1.99 हेक्टेयर से अधिक नहीं होगा। इसी प्रकार खदान से चूना पत्थर मुख्य खनिज का अधिकतम उत्खनन 10 टन वर्ष से अधिक नहीं होगा लीज क्षेत्र की सीमाओं का सीमांकन कराकर पक्के मनारे लगाया जाएगा। लीज के चारों तरफ छोड़ी गई 7.5 मीटर की चौड़ी पट्टी में कोई बेस्ट डंप भंडारण नहीं किया जाएगा तथा इस पट्टी में वृक्षारोपण किया जाएगा ।

पर्यावरण नियम के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर खदान प्रबंधन द्वारा वर्ष 2018-19 में काम से कम 200 नाग प्रति हेक्टयरैली क्षेत्र के अनुसार बड़ पीपल नीम करंज शीश आम इमली अर्जुन सिस आदि अन्य स्थानीय प्रजातियों के 400 पौधों का रोपण खदान के चारों ओर किया जावे रोपण को सुरक्षित रखने के लिए उपयुक्त एवं पर्याप्त व्यवस्था कांटेदार तार से बाहर अथवा ट्री गार्ड का उपयोग किया जावे स्थल उपलब्ध नहीं होने की दशा में संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा चीनी क्षेत्र में उपभोक्ता अनुसार वृक्षारोपण किया जावे उपरोक्त वृक्षारोपण प्रथम वर्ष में पूर्ण किया जावे वृक्षारोपण नहीं करने पर जारी पर्यावरण स्वीकृति निरस्त की जा सकती है

वहीं खदान किस समीप शासन के स्कूल महाविद्यालय में रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था का जल की व्यवस्था वृक्षारोपण आदि में बैक किया जग इस प्रकार का पर्यावरण विभाग का निर्देश है इसके बावजूद भी खदान मालिक द्वारा कुछ नहीं किया गया है पर्यावरण नियम का उल्लंघन कर खदान चला रहे हैं।
इस प्रकार का इस खनिज के लिए इस प्रकार का पर्यावरण विभाग का गाइडलाइन है। लेकिन लीज मालिक द्वारा इससे कहीं अधिक उत्खनन किया जा रहा है लिक क्षेत्र के चारों ओर कोई भी वृक्षारोपण नहीं किया गया है। माइनिंग प्लान से अधिक उत्खनन किया गया है। इतनी गड्ढा हो गई है जो आसपास की कोई जानवर अगर उसे गड्ढे में गिरेगी तो निकलना मुश्किल हो जाएगी इस समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने इस माइंस को बंद करने एवं प्रशासन से जांच की मांग की है। उसके बाद भी खनिज अधिकारी एवं जिला प्रशासन दुर्घटना होने के इंतजार कर रहा है।

Previous articleमुख्यमंत्री को श्री 108 संगीतमय अखण्ड हनुमान चालीसा पाठ में शामिल होने मिला आमंत्रण
Next articleहमारी सरकार ने जीता है जनता का भरोसा: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here