Cg Election 2023 उनकी सिर्फ एक ही मांग है कि उनकी समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जाए, क्योंकि कई साल से उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। इसलिए इस बार काम नहीं होगा तो वो वोट भी नहीं करेंगे।

इन 23 गांव के लोग विरोध में हैं शामिल

जिले के 23 गांव कोलियारी कानीडवरी, अमेठी, कलास्तराई परसुली, दरी, खरंगा, सारंगपुरी, देवपुर, दोनर, सेमरा, झुरा, नवागांव, सिवनी, बारना, जोरातराई, सेलदीप, मंदरौद और नवागांव के लोग सड़क नहीं बनाए जाने को लेकर विरोध कर रहे हैं। पूर्व में यहां कांग्रेस के विधायक रहे हैं। वर्तमान में यहां भाजपा के विधायक हैं।

राजनांदगांव जमीन नहीं तो मतदान नहीं
कन्हारपुरी में जमीन नहीं तो मतदान नहीं का नारा गूंज रहा है। वार्डवासियों का कहना है कि, लगभग 5 किलोमीटर दूर ग्रामीण कन्हारपुरी वार्ड 34 में 40 एकड़ भूमि है। इसे अपने-अपने हिसाब से वहाँ के रहवासियों ने मवेशियों की चारागाह के लिए दी थी। जिस पर जिला प्रशासन भवन बनाना चाहता है। ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। बता दें कि राजनांदगांव से रमन सिंह विधायक हैं।

जशपुर रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा
बगीचा ब्लाक के बादलखोल अभ्यारण्य में कई गांव है जहां के ग्रामीण चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर चुके हैं। दरअसल कलिया, बुटूंगा और गायलूंगा पंचायत के 10 गांव के लोगों की नाराजगी इस बात से है कि चार किलोमीटर सड़क निर्माण में बार-बार वन विभाग आपत्ति लगा रहा है जिसके कारण सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। यहां भी पिछली बार भाजपा के विधायक थे। वर्तमान में यहां कांग्रेस के विधायक हैं।

बारसूर पंचायत नहीं तो वोट नहीं नारा
दंतेवाड़ा विधानसभा के बारसूर नगर पंचायत के 6 वाडों के लोग नप से अलग कर ग्राम पंचायत बनाने की मांग कर रहे हैं। गुमड़पोट, ठोठापारा, कलमभाटा, गोडेल आमा, सल्फीकोटा, टेमरुभाटा, मावलीगुड़ा, मंगलपोट गांव के लोग पंचायत नहीं तो वोट नहीं का नारा लगा रहे हैं। यहां से भाजपा-कांग्रेस के विधायक चुनकर आते रहे हैं। वर्तमान में यहां से कांग्रेस के विधायक हैं।

कांकेर सरपंच पर कार्रवाई नहीं वोट नहीं
पखांजूर के 3 गांव के ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। ग्रामीण ग्राम पंचायत देवपुर के सरपंच पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज है। सरपंच पर घोटाले का आरोप है। ग्रामीण लंबे समय से सरपंच के खिलाफ शिकायत कर रहे है, लेकिन जाँच तक नहीं हो रही है।

संजारी बालोद : पुल की मांग बोरी गांव से गुजरने वाली सेमरिया नाले पर नये पुल की मांग लंबित है। इस नाले पर 50 साल पहले एक पुल बनाया गया था, जिस पर क्षेत्र के करीब 15 गांव के लोग आवाजाही करते हैं, लेकिन बारिश में ये डूब जाता है। यहां भी दो बार से कांग्रेस के विधायक बनते आ रहे हैं।
गुंडरदेही : चल रहा है विरोध बालोद जिले के कुछ ऐसे गांव भी हैं, जहां के लोगों द्वारा अपने गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर काफी लंबे समय से मांग की जा रही है। गुंडरदेही विधानसभा के सिकोसा पंचायत में 30 बिस्तर अस्पताल की मांग की जा रही है। यहां दो बार से कांग्रेस के विधायक चुनाव जीत रहे हैं।
डौंडीलोहारा : किसान भी आक्रोशित
डौंडी ब्लॉक के सीमावर्ती ग्राम पंचायत आमाडुला और मथेना सहित 12 गांव के किसान अपने गांव आमाला स्थित आमाबाहरा बांध के पानी का उपयोग नहर नाली नहीं होने से नहीं कर पा रहे हैं। ये लोग इस बार चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दे चुके हैं। यहां भी दो बार से कांग्रेस के विधायक हैं।

पखांजुर के 3 गांव के ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। ग्रामीण ग्राम पंचायत देवपुर के सरपंच पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज हैं। सरपंच पर घोटाले का आरोप है। ग्रामीण लंबे समय से सरपंच के खिलाफ शिकायत कर रहे है, लेकिन जांच तक नहीं हो रही है।

कोरवा आदिवासी भी नाराज , रामपुर विस के केराकछार ग्राम में आने वाले सारडीह व बगधाडांड गांव में पहाड़ी कोरवा रहते हैं। गांव वालों ने पीने का साफ पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने की वजह से चुनाव वरिष्कार का फैसला किया है। यहां से भाजपा के ननकीराम लगातार विधायक निर्वाचित हो रहे हैं।
दंतेवाड़ा मूलभूत की लड़ाई भांसी गांव के कलारपारावासी आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। बिजली नहीं पहुंचने से पूरा इलाका अंधेरे में डूबा है। यहां 50 से ज्यादा परिवार रहते हैं। कोई सुनवाई नहीं होता देख चुनाव का | बहिष्कार करने का ऐलान किया है। यहां कांग्रेस के विधायक हैं।
मस्तुरी : सड़क के लिए नाराज बिलासपुर जिले में मस्तुरी विस के धूमा, मानिकपुर, ठेका, सिलपहरी, पोड़ी, मंगला, सरवानी, पिरैय्या, कनेरी और दुर्गडीह के लोगों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है। ये सड़कों को बुरी हालत को लेकर नाराज हैं। यहां 2013 में कांग्रेस के विधायक थे। वर्तमान में यह सीट भाजपा के पास है।
रायगढ़ : सड़क की मांग रायगढ़ जिले के खेरडीपा गांव में सड़क की मांग के लिए लोगों ने कलेक्टर को चुनाव बहिष्कार से संबंधित शपथ पत्र सौंपा है। पत्र में लिखा है कि अगर कोई बहकावे या प्रलोभन में आकर इसका उल्लंघन करेगा, तो वह दंडित होगा। यहां पहले भाजपा के विधायक थे, अब कांग्रेस का कब्जा है।

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