छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की शासकीय पैथोलॉजी लैबों का संचालन एचएलएल को सौंपने के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों का आंदोलन, सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग

रायपुर, 19 जुलाई। राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ की शासकीय पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं का संचालन हिंदुस्तान लाइफकेयर लिमिटेड (एचएलएल) को सौंपने के निर्णय के विरोध में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले संयुक्त बैठक कर सरकार के फैसले का विरोध किया। बैठक की अध्यक्षता फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने की।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि शासकीय पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं का संचालन एचएलएल को सौंपने से प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था, कर्मचारियों के हितों तथा आम जनता को मिलने वाली सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रतिनिधियों का कहना था कि सरकारी प्रयोगशालाएं लंबे समय से प्रदेशवासियों को विश्वसनीय, किफायती और गुणवत्तापूर्ण जांच सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं, इसलिए वर्तमान व्यवस्था को बनाए रखना जनहित में आवश्यक है।
बैठक में सर्वसम्मति से राज्य सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए शासकीय पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं का संचालन पूर्ववत स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से जारी रखने तथा एचएलएल को संचालन सौंपने के निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सभी रिक्त नियमित पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने तथा वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें न्यायोचित अवसर प्रदान करने की भी मांग उठाई गई।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में चरणबद्ध एवं लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा शीघ्र घोषित करने की बात भी कही गई।
वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल कर्मचारियों के रोजगार और सेवा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने तथा आम जनता के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा से भी जुड़ा हुआ है। सभी कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप देने का संकल्प व्यक्त किया।
बैठक में प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, आलोक मिश्रा, पंकज पांडेय, मुन्नालाल निर्मलकर, विकास यादव, रीना राजपूत, साधुराम नेताम सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रांतीय पदाधिकारी, जिला प्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
संयुक्त स्वास्थ्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष विकास कुमार यादव ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर सरकार को शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान व्यवस्था प्रभावित न हो।

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