छत्तीसगढ़

दुर्ग में छत्तीसगढ़ सर्व रविदास समाज की आम सभा एवं शिक्षक सम्मान समारोह संपन्न

 आम सभा एवं शिक्षक सम्मान समारोह में 33 जिलों में सामाजिक भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विषय उठा

दुर्ग। छत्तीसगढ़ सर्व रविदास समाज के तत्वावधान में 20 सितंबर 2026 को दुर्ग में एक दिवसीय आम सभा एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों, प्रबुद्धजनों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, समाजसेवियों, महिलाओं, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। आयोजन के दौरान समाज की वर्तमान स्थिति, शिक्षा के महत्व, सामाजिक एकजुटता, युवाओं की भूमिका, रोजगार के अवसर तथा समाज के भविष्य की दिशा को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

समारोह में शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान को विशेष महत्व दिया गया। समाज की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा गया कि किसी भी समाज के निर्माण में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और भविष्य की दिशा निर्धारित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान को सामाजिक विकास की आधारशिला बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया।

आम सभा के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति केवल किसी एक वर्ग या व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता और समानता को लेकर सामूहिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा शिक्षा एवं कौशल विकास को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में समाज के संगठनात्मक विस्तार और भविष्य की गतिविधियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में समाज की सामाजिक उपस्थिति है और समाज को संगठित एवं रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में समाज के प्रमुख द्वारा प्रदेश के 33 जिलों में समाज की बहुलता और सामाजिक भागीदारी का उल्लेख करते हुए राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विषय भी सभा के समक्ष रखा गया। उन्होंने कहा कि समाज की सामाजिक भागीदारी के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व को लेकर समाज को जागरूक एवं संगठित होकर अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखने की आवश्यकता है।

सभा में सामाजिक उत्थान के साथ शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण विषयों में शामिल किया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की स्थायी प्रगति के लिए बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है। शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को अवसरों से जोड़ा जा सकता है और रोजगार तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने तथा प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

महिला सहभागिता को लेकर भी कार्यक्रम में विशेष चर्चा हुई। समाज की महिलाओं एवं माता-बहनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति को सामाजिक संगठन की मजबूती का महत्वपूर्ण संकेत बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि परिवार और समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका केंद्रीय है। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर दिए जाने से समाज की समग्र प्रगति को गति मिल सकती है। महिला पदाधिकारियों ने भी समाज के विभिन्न कार्यक्रमों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

युवाओं की भूमिका को लेकर पदाधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी के पास तकनीक और सूचना के व्यापक साधन उपलब्ध हैं। सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग के माध्यम से समाज की गतिविधियों, उपलब्धियों और सामाजिक मुद्दों को व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। युवाओं से अपील की गई कि वे शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सेवा के साथ संगठनात्मक गतिविधियों में भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। समाज को आगे ले जाने के लिए युवा शक्ति को रचनात्मक दिशा में जोड़ने की आवश्यकता बताई गई।

आम सभा में सामाजिक समरसता और समानता के विषय पर भी विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती आपसी सहयोग, सम्मान और एकजुटता से आती है। सामाजिक कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में निरंतर कार्य होना चाहिए। शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता और जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे विषयों को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

समारोह में समाज के प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पी. आर. रामेकर, प्रदेश संरक्षक नेतराम भोंडेकर, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष के. एल. सोनवानी, प्रदेश संरक्षक डॉ. एस. आर. कन्नौजे, प्रदेश संरक्षक डॉ. एम. के. एस. गजेन्द्र, महिला कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती आशा मंगेट, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. के. एल. टांडेकर, प्रदेश उपाध्यक्ष बालाराम कोलते, मुख्य सोशल मीडिया प्रभारी आसकुमार कन्नौजे तथा जिला अध्यक्ष दुर्ग जय महेश मालपूरे सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में पदाधिकारियों ने समाज की वर्तमान गतिविधियों और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए संगठन के विभिन्न स्तरों पर आपसी समन्वय आवश्यक है। प्रदेश से लेकर जिला एवं स्थानीय स्तर तक सामाजिक गतिविधियों को गति देने तथा अधिक से अधिक लोगों को संगठनात्मक एवं सामाजिक कार्यों से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाने की आवश्यकता बताई गई।

शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रति समाज की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में शिक्षकों का योगदान महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को सही दिशा देना, उन्हें अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाना तथा उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवियों ने कहा कि सामाजिक संगठन तभी प्रभावी रूप से कार्य कर सकता है, जब समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और सहयोग बना रहे। आम सभा जैसे कार्यक्रम समाज के लोगों को एक मंच पर आने, अपनी बात रखने और सामूहिक रूप से भविष्य की दिशा तय करने का अवसर प्रदान करते हैं। इस दृष्टि से आयोजन को सामाजिक संवाद और संगठनात्मक सहभागिता का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।

आयोजक मंडल की ओर से कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि समाज के प्रबुद्धजनों, पदाधिकारियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, समाजसेवियों, माता-बहनों और युवाओं की सहभागिता से कार्यक्रम सफल हुआ। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक आयोजन की सफलता उसके मंच और व्यवस्था से अधिक समाज के लोगों की सहभागिता पर निर्भर करती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने सामाजिक एकजुटता को प्रदर्शित किया।

समाज की ओर से भविष्य में भी शिक्षा और सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यक्रमों को जारी रखने की बात कही गई। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक सहयोग पहुंचाने, विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने, युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास की दिशा में मार्गदर्शन देने तथा महिलाओं की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों ने सामाजिक एकता और सहयोग को मजबूत करने का संकल्प भी व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के सामने शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास से जुड़े कई विषय हैं, जिनका समाधान दीर्घकालिक और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। इसके लिए समाज के वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा को एक साथ जोड़ने की आवश्यकता है।

आयोजकों ने कहा कि सामाजिक संगठनों की भूमिका केवल कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। समाज के वास्तविक मुद्दों को समझना, जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना और उनके समाधान के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास करना भी संगठन की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ आगामी समय में सामाजिक गतिविधियों को और व्यापक बनाने की बात कही गई।

आम सभा में उपस्थित लोगों ने समाज के संगठनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता बताई। उपस्थित समाजजनों ने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और युवाओं की भागीदारी को समाज की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजक मंडल ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, समाजसेवियों, माता-बहनों, युवाओं, पदाधिकारियों और उपस्थित समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और मार्गदर्शन से ही सामाजिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाया जा सकता है। समाज की ओर से भविष्य में भी सामाजिक उत्थान, शिक्षा, रोजगार, समानता और सामाजिक एकजुटता के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की गई।

एक दिवसीय आम सभा एवं शिक्षक सम्मान समारोह में सैकड़ों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने सामाजिक संवाद, शिक्षक सम्मान और संगठनात्मक सहभागिता के माध्यम से समाज को एक मंच पर जोड़ने का संदेश दिया। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी इसी प्रकार समाज के सभी वर्गों का सहयोग और सहभागिता बनी रहेगी तथा शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान की दिशा में सामूहिक प्रयासों को और गति मिलेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker