छत्तीसगढ़

वीबी-जी राम जी में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि, कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में सभी राज्यों में प्रथम

श्रमिकों की ई-केवाईसी में देश के बड़े राज्यों में प्रथम

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन

राष्ट्रीय औसत से कहीं आगे छत्तीसगढ़, दोनों श्रेणियों में 73 लाख से अधिक श्रमिकों की ई-केवाईसी पूर्ण

रायपुर, विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में वीबी-जीरामजी के अंतर्गत श्रमिकों की ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। प्रदेश ने अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में 91.37 प्रतिशत उपलब्धि के साथ देश के सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की संयुक्त रैंकिंग में चौथा तथा बड़े राज्यों में प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में 82.28 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज कर सभी राज्यों में पहला तथा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की संयुक्त रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। दोनों श्रेणियों में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है। यह उपलब्धि ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था और श्रमिकों के डिजिटल सत्यापन की दिशा में प्रदेश की महत्वपूर्ण सफलता है।

अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में देश में चौथा, बड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ प्रथम
केंद्र सरकार की 03 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार वीबी-जी राम जी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में कुल 79 लाख 23 हजार 503 पंजीकृत अकुशल श्रमिकों में से 76 लाख 20 हजार 979 श्रमिकों का आधार सीडिंग कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इनमें से 72 लाख 39 हजार 364 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इस प्रकार प्रदेश ने 91.37 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है।

राष्ट्रीय स्तर पर इस श्रेणी में लद्दाख 97.59 प्रतिशत, मिजोरम 97.42 प्रतिशत और त्रिपुरा 92.79 प्रतिशत के साथ क्रमशः पहले तीन स्थानों पर हैं, जबकि छत्तीसगढ़ 91.37 प्रतिशत उपलब्धि के साथ चौथे स्थान पर है। बड़े राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ प्रथम स्थान पर है।

इस श्रेणी में राष्ट्रीय औसत 61.01 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ की उपलब्धि राष्ट्रीय औसत से 30.36 प्रतिशत अंक अधिक है। छत्तीसगढ़ ने पश्चिम बंगाल के 89.10 प्रतिशत, तमिलनाडु के 83.17 प्रतिशत, आंध्रप्रदेश के 81.27 प्रतिशत, कर्नाटक के 69.93 प्रतिशत, मध्यप्रदेश के 63.78 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश के 56.58 प्रतिशत और महाराष्ट्र के 32.27 प्रतिशत प्रदर्शन को पीछे छोड़ा है।

कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में सभी राज्यों में छत्तीसगढ़ अव्वल

वीबी-जी राम जी के अंतर्गत कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में भी छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस श्रेणी में प्रदेश के कुल 77 हजार 891 पंजीकृत श्रमिकों में से 73 हजार 596 श्रमिकों का आधार सीडिंग तथा 64 हजार 87 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ ने 82.28 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है।

राष्ट्रीय रैंकिंग में केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव 98.33 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रथम स्थान पर है, जबकि छत्तीसगढ़ 82.28 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। विशेष बात यह है कि देश के सभी राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ इस श्रेणी में प्रथम स्थान पर है।

इस श्रेणी में राष्ट्रीय औसत मात्र 13.53 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ की उपलब्धि इससे 68.75 प्रतिशत अंक अधिक है। महाराष्ट्र में 56.70 प्रतिशत, कर्नाटक में 36.95 प्रतिशत, गुजरात में 27.04 प्रतिशत, तमिलनाडु में 25.03 प्रतिशत, मध्यप्रदेश में 16.47 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में केवल 4.36 प्रतिशत श्रमिकों की ई-केवाईसी पूर्ण हुई है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ ने अन्य सभी राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया है।

73 लाख से अधिक श्रमिकों की ई-केवाईसी पूर्ण
वीबी-जी राम जी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 80 लाख 1 हजार 394 पंजीकृत श्रमिकों में से 76 लाख 94 हजार 575 श्रमिकों का आधार सीडिंग तथा 73 लाख 3 हजार 451 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूर्ण की जा चुकी है। इस प्रकार प्रदेश में कुल पंजीकृत श्रमिकों के 91.28 प्रतिशत का ई-केवाईसी कार्य पूरा हो चुका है।

श्रमिकों की ई-केवाईसी से योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की पहचान का सत्यापन, अभिलेखों की शुद्धता तथा रोजगार एवं मजदूरी भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। इससे पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने तथा डिजिटल व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, श्रमिकों के हितों की सुरक्षा तथा विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में वीबी-जी राम जी के प्रभावी क्रियान्वयन, श्रमिकों के सत्यापन और विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker