छत्तीसगढ़

भिलाई इस्पात संयंत्र में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन हेतु ‘एआई रेडीनेस’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ




भिलाई /सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा डिजिटल युग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 18 जुलाई 2025 को बीएमडीसी सेक्टर-7 में “स्मेल्टिंग चेंज: एआई रेडीनेस फॉर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन” नामक एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गयी।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यपालकों को जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जेन-एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और बेसिक डेटा एनालिटक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित करना है, ताकि कार्यस्थल पर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को गति दी जा सके।
कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (सी एंड आईटी) श्री समीर गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में संगठन में डिजिटल तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता एवं उससे होने वाले लाभों पर प्रकाश डाला।
महाप्रबंधक प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन – ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री एस. के. श्रीवास्तव इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम को स्वीकृति प्रदान करने एवं इसके मार्गदर्शन में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपने वक्तव्य में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन को दीर्घकालिक रूप से लाभान्वित करेंगे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महाप्रबंधक (एचआर–एलएंडडी) श्री सौरभ वार्ष्णेय, के मार्गदर्शन में तैयार किया गया। उन्होंने इस अवसर पर जेन-एआई-बीएसपी गुगल स्पेस से भी प्रतिभागियों को अवगत करवाया, जो उन्हें निरंतर डिजिटल सहयोग और सीखने के लिए एक समर्पित मंच प्रदान करेगा।
कार्यक्रम का समन्वय और प्रशिक्षण का दायित्व सहायक प्रबंधक (एचआर–एलएंडडी) श्री जोजन जोस ने निभाया। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ प्रशिक्षण की विषयवस्तु साझा करते हुए बताया कि कार्यक्रम में जागरूकता सत्रों के साथ-साथ एआई स्टूडियो, गामा.एआई, नोटबुक एलएम, तथा पाईथन आधारित पीवाई चार्म एवं गुगल कोलैब जैसे टूल्स पर व्यावहारिक अभ्यास शामिल किया गया है।
इस पहले संस्करण में बीएसपी के विभिन्न विभागों से कुल 19 कार्यपालकों ने सक्रिय प्रतिभागिता की। कार्यक्रम का लक्ष्य प्रतिभागियों को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के चैंपियन के रूप में तैयार करना है, जो आगे चलकर अपने सहकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे तथा विभागीय टीमों में तकनीकी नवाचार और डिजिटल अपनाने को प्रोत्साहित करेंगे। कार्यक्रम का समापन  जोजन जोस द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।







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