छत्तीसगढ़

अहिवारा तहसील में अटके राजस्व प्रकरण, न्याय के लिए भटक रहे लोग

सीमांकन, नामांतरण, काबिल कास्ट भूमि अवैध खरीदी बिक्री पर कार्रवाई बंटवारा और नक्शा सुधार के सैकड़ों मामले लंबित, आवेदकों में बढ़ रही नाराजगी

अहिवारा (दुर्ग)। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के सरकारी दावों के बावजूद अहिवारा तहसील में सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, नक्शा सुधार और अभिलेख दुरुस्ती से जुड़े एवं शासकीय पट्टयेदार बिना कलेक्टर के (काबिल कास्ट) की भूमि खरीदी बिक्री की प्रकरण अनेक मामले लंबे समय से लंबित पड़े हैं। इससे आम नागरिकों को न्याय पाने के लिए बार-बार तहसील कार्यालय और जनसुनवाई के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि आवेदन देने के बाद सुनवाई की तारीख तो मिल जाती है, लेकिन प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं हो पाता। कई मामलों में महीनों बाद भी न तो सीमांकन हो रहा है और न ही रिकॉर्ड में सुधार किया जा रहा है। इससे जमीन संबंधी विवाद बढ़ने के साथ-साथ किसानों और आम नागरिकों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जनसुनवाई तक पहुंच रहे मामले

तहसील स्तर पर समाधान नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोग कलेक्टर जनदर्शन और जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने पहुंच रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अधिकारियों द्वारा हर बार जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन धरातल पर स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं देता।

ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी

अहिवारा तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में सीमांकन और बंटवारा संबंधी प्रकरण सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई मामलों में नक्शा त्रुटि और रिकॉर्ड सुधार के आवेदन भी लंबे समय से लंबित हैं, जिससे भूमि स्वामित्व से जुड़े कार्य अटक रहे हैं।

समयबद्ध निराकरण की मांग

क्षेत्र के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि तहसील स्तर पर प्रभावी सुनवाई और जवाबदेही तय होने से लोगों को राहत मिलेगी तथा जनसुनवाई पर बढ़ता दबाव भी कम होगा।

प्रमुख समस्या

सीमांकन के अनेक मामले लंबित

नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में देरी

बंटवारा संबंधी आवेदन अटके

नक्शा सुधार और अभिलेख दुरुस्ती प्रभावित

आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे

अहिवारा क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि राजस्व मामलों का शीघ्र निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता बनना चाहिए, ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके।

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