छत्तीसगढ़

पेड़ लगाने से भी एक कदम आगे: जंगल उगाने की नई पहल

कांकेर। जिले कें ग्राम खमढोड़गी में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई और प्रेरणादायक शुरुआत हुई है। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFRR) प्राप्त इस गांव में अब सिर्फ पेड़ लगाने का ही नहीं, बल्कि जंगल उगाने का संकल्प लिया गया है। इस सोच के साथ ही, ग्रामीणों ने संयुक्त प्रयास से एक विशेष सीड बॉल (बीज गेंद) छिड़काव अभियान का आयोजन किया, जो आने वाले वर्षों के लिए हरित भविष्य की नींव रख रहा है।

वर्षा ऋतु में प्रकृति के प्रति ग्रामीणों का समर्पण

बारिश के अनुकूल मौसम का लाभ उठाते हुए, ग्राम के पुरुष, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और स्वयंसेवक मिलकर हजारों सीड बॉल तैयार कर प्रकृति में छिड़कने निकले। पर्वतीय, वन क्षेत्र और बंजर भूमि पर किए गए इस अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक वृक्षारोपण को आसान और प्रभावी बनाना था। इस आंदोलन ने पूरे क्षेत्र में जागरूकता और प्रेरणा का संचार किया है। बारिश के बीच यह दृश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति ग्रामीणों के समर्पण का प्रतीक बन गया है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामूहिक जिम्मेदारी

पर्यावरण मित्र सेना ने इस अभियान का नेतृत्व करते हुए यह संदेश दिया कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा केवल सरकार का कार्य नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कम लागत में प्राकृतिक पुनर्वनीकरण का यह तरीका अत्यंत प्रभावी है। प्राकृतिक शिक्षक विज्ञान यात्रा की टीम ने भी इस तकनीक के वैज्ञानिक महत्व को समझाया, जिसमें कहा गया कि इससे स्थानीय प्रजातियों के वृक्ष विकसित होते हैं, जो जैव विविधता, जल संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता को मजबूत करते हैं।

आने वाले वर्षों का हरित भविष्य

सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति ने इस अभियान को केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं माना, बल्कि यह आने वाले वर्षों के लिए एक नई शुरुआत है। ग्रामीणों का मानना है कि बीज बोने के बाद परिणाम देखने में समय लगेगा। इन बीजों को वृक्ष बनने में 5 से 10 वर्ष और घने जंगल के रूप में विकसित होने में 10 से 15 वर्ष का समय लगेगा। इस धैर्य और दूरदर्शिता को ही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत माना गया है।

युवाओं और समुदाय का संकल्प: हरित भविष्य की ओर कदम

ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि आज उन्होंने केवल बीज बोए हैं, परंतु ये बीज आने वाली पीढ़ियों के जीवन, छाया, जल और जंगल की नींव हैं। जब ये पेड़ विशाल वृक्ष बनेंगे, तभी उनके प्रयास सफल होंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि हर वर्ष वर्षा ऋतु में इस सीड बॉल अभियान को जारी रखेंगे और अधिक से अधिक लोगों को इस जनभागीदारी से जोड़ेंगे। इस तरह, खमढोड़गी को हरित और समृद्ध वन क्षेत्र बनाने का सपना साकार होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker