छत्तीसगढ़

सेवा की कहानी : उन्नत नस्ल की गाय ने खोली अतिरिक्त आय की राह, आत्मनिर्भर बने सन्ना के ओम प्रकाश

सेवा संकल्प अभियान 2026

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 से मिली 56 हजार रुपये की सहायता, दूध बेचकर अब तक कमाए 40 हजार रुपये से अधिक

प्रतिदिन हो रहा 6 से 8 लीटर दूध उत्पादन, गोबर से जैविक खाद मिलने से खेती की लागत भी हुई कम

रायपुर, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत आजीविका गतिविधियों से जुड़ी सहायता ग्रामीण किसानों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन रही है। जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम सन्ना निवासी श्री ओम प्रकाश यादव ने योजना से मिली सहायता से उन्नत नस्ल की गाय खरीदकर अपने पारंपरिक पशुपालन को आय के साधन में बदल दिया है। दूध के विक्रय से उन्हें अब तक 40 हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त आय हो चुकी है।

ओम प्रकाश यादव पहले से गाय पालन करते थे, लेकिन उन्नत नस्ल की गाय नहीं होने के कारण दूध का उत्पादन सीमित था। दूध का अधिकांश उपयोग परिवार की जरूरतों के लिए ही हो जाता था। ऐसे में पशुपालन से नियमित अतिरिक्त आय नहीं हो पाती थी।

56 हजार रुपये की सहायता से खरीदी उन्नत नस्ल की गाय

कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत उत्पादन प्रणाली मद में ओम प्रकाश यादव को गाय पालन के लिए 56 हजार रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई। इस राशि से उन्होंने उन्नत नस्ल की गाय खरीदी और पशुपालन को व्यवस्थित आजीविका गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाया।

उन्नत नस्ल की गाय आने के बाद अब उन्हें प्रतिदिन 6 से 8 लीटर दूध मिल रहा है। परिवार की आवश्यकता पूरी होने के बाद अतिरिक्त दूध का विक्रय किया जा रहा है। इससे उन्हें अब तक 40 हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो चुकी है।

दूध से आमदनी, जैविक खाद से खेती में बचत

पशुपालन से ओम प्रकाश को दोहरा लाभ मिल रहा है। दूध की बिक्री से नियमित अतिरिक्त आय हो रही है, वहीं गाय के गोबर से मिलने वाली जैविक खाद का उपयोग खेती में किया जा रहा है। इससे खेती में बाहरी खाद पर होने वाले खर्च में भी कमी आई है। अतिरिक्त आमदनी और खेती की लागत में बचत से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है।

अब हर महीने हो रही अतिरिक्त कमाई

ओम प्रकाश यादव बताते हैं, “पहले देशी गाय से मिलने वाला दूध केवल घर के उपयोग में ही आ जाता था। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 से 56 हजार रुपये की सहायता मिलने पर मैंने उन्नत नस्ल की गाय खरीदी। अब प्रतिदिन 6 से 8 लीटर दूध मिल रहा है और हर महीने अतिरिक्त कमाई हो रही है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।”

पारंपरिक पशुपालन बना स्थायी आय का माध्यम

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के माध्यम से कृषि के साथ पशुपालन जैसी आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर तैयार हो रहे हैं। ओम प्रकाश यादव की सफलता बताती है कि योजनाबद्ध सहायता और सही संसाधनों के उपयोग से पारंपरिक पशुपालन को नियमित आय के साधन में बदला जा सकता है।

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