अहिवारा विधानसभा में मेडिकल उपकरण एवं रिएजेंट खरीद घोटाले जैसी घटनाएं को लेकर उठने लगे सवाल?
क्या समय रहते जांच से रोकी जा सकती है संभावित अनियमितताएं?
दुर्ग,अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी मेडिकल उपकरण एवं ब्लड टेस्ट (रिएजेंट) खरीद को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठने लगे हैं। कुछ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि खरीद प्रक्रिया, आवश्यकता के आकलन और उपकरणों के उपयोग को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
हालांकि, अभी तक किसी जांच एजेंसी या सक्षम प्राधिकारी ने किसी प्रकार की अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस स्तर पर किसी भी वित्तीय अनियमितता या घोटाले का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धी निविदा, वास्तविक आवश्यकता का आकलन और स्वतंत्र ऑडिट सुनिश्चित किए जाएं, तो भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि:
– मेडिकल उपकरण और रिएजेंट खरीद का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
– किस अस्पताल में कौन-सी मशीनें स्थापित की गई हैं, इसकी सूची जारी की जाए।
– मशीनों की कार्यशील स्थिति और उपयोग की जानकारी सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाए।
– यदि कोई शिकायत प्राप्त हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
यह रिपोर्ट जनहित में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पर आधारित है। यदि भविष्य में किसी जांच एजेंसी द्वारा कोई आधिकारिक निष्कर्ष या दस्तावेज सामने आते हैं, तो उनके आधार पर आगे की तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रकाशित की जा सकती है।




