भिलाई नगर निगम के वार्ड आरक्षण को लेकर उठे सवाल, कलेक्टर से निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग
भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई में आगामी वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इसे लेकर विवाद की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। आरटीआई कार्यकर्ता अली हुसैन सिद्दीकी ने दुर्ग कलेक्टर को आवेदन देकर वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने तथा नियमों के अनुसार आरक्षण किए जाने की मांग की है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि निगम स्तर पर वार्ड आरक्षण की तैयारी चल रही है और राजनीतिक दबाव में अनुसूचित जाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के आरक्षित वार्डों में बदलाव किए जाने की तैयारी की जा रही है। आवेदक ने कहा है कि 2011 के बाद नई जनगणना नहीं हुई है और इस बार वार्डों का परिसीमन भी नहीं किया गया है, ऐसे में आरक्षण प्रक्रिया में नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है।
अली हुसैन सिद्दीकी का कहना है कि एससी एवं एसटी वर्ग के आरक्षित वार्डों में बदलाव को लेकर स्पष्ट कानूनी एवं प्रशासनिक आधार होना चाहिए, जबकि ओबीसी तथा महिला आरक्षण में चक्रानुक्रम (रोटेशन) पद्धति का पालन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि आरक्षण की कार्यवाही शुरू होने से पहले उनकी आपत्तियों और आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से कराई जाए। साथ ही आरक्षण प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
उन्होंने ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों के विपरीत वार्ड आरक्षण किया गया तो वे न्यायालय की शरण लेने के लिए विवश होंगे।




